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भारत माता के चरणों में समर्पित मेरी रचनाएँ

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Rajesh Kumar Srivastav


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इंडिया बनाम भारत

Posted On: 30 Aug, 2016  
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Hindi Sahitya कविता में

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गुस्सा

Posted On: 12 Aug, 2016  
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इश्लाम खतरे में है /

Posted On: 5 Jul, 2016  
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मोदी सरकार के मंत्रियों की शिक्षागत योग्यता /

Posted On: 16 Jun, 2016  
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एक बाप का त्याग

Posted On: 10 Jun, 2016  
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गर्मी

Posted On: 6 May, 2016  
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बलात्कार जारी है —–(लघु कथा)

Posted On: 15 Mar, 2016  
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इज्जत ( लघु कथा )

Posted On: 26 Feb, 2016  
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जय श्री राम उन ५९ हिन्दुओ को जिन्हें कत्थार्पन्थी मुसलमानों ने जलाकर मार दिया था श्रधांजलि अप्रीत करते भगवन रामजी से उनको अपना  आशीर्वाद की प्राथना ये भारत की सेक्युलर ब्रिगेड जिसमे नेता ,पत्रकार और मूर्ख बुद्दिजीवी भी शामिल है कभी भी मुसलमानों की निंदा नहीं की जो गोधरा काण्ड के लिए ज़िम्मेदार थे और मरने वाले हिन्दुओ के लिए अफ़सोस किया उलटे कांग्रेस ने तीस्ता सीतलवाद को मोदीजी के खिलाफ ज़हर उगलने और विदेशो में बदनाम करने के लिए धन दिया ये नेता वोटो के लिए देश बेच दे,बहुत अच्छा लेख गुजरात दंगे की इतनी चर्चा पर कश्मीर के हिन्दुओ और आसाम पर चुप्पी शर्मनाक है लेख के लिए साधुवाद

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दिल्ली में आइल बाटे नयका स्वराज हो! भारत देशवा में देखीं राम राज्य हो देश विदेश घूमे नया धर्मराज हो, सूट उतार पहिरे कुरता के साज हो हे छठी मइया हे छठी मइया ईगो बिहारी पड़े दुनिया में भारी इहाँ मिलल बाटे देखअ तीन गो बिहारी बारी बारी दिहलीं हम इनका के गारी बात नहीं समझे ई बुड़बक बिहारी हे छठी मइया हे छठी मइया हमरा के करिह क्षमा लड़िका तोहार बानी गलती हो जाला फिर भी तोहरा के मानी सुरुज बाबा करिहें दूध और पानी सगरे जगत करे रोशन जानी हे छठी मइया हे छठी मइया! हे छठी मइया हे छठी मइया ! भूल चूक माफ़ करीं भइल भिनुसार हो भीड़ सारा उमरे अब नदिया किनार हो उगिह हे सूरूज बाबा करिह ओन्जार हो गलती भुलईह बानी लड़िका तोहार हो राजेश भैया करे पूजवा तोहार हो हे छठी मइया हे छठी मइया हे छठी मइया हे छठी मइया

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प्रिय बेटा राजेश, मेरा व मेरे पूरे परिवार का आशीर्वाद बहु और भतीजे को ! अति प्रशन्नता हुई, परम पिता परमेश्वर दोनों बच्चों को सुखी, स्वस्थ और सदा प्रशन्न रखे ! दोनों बच्चे धरती पर आए, उस दिन पूर्णमासी थी, सूर्य भगवान उत्तरायण में थे, सबसे बड़ी बात उस दिन हनुमान जयन्ती भी थी, दोनों बच्चे, प्रखर बुद्धी के, होशियार, तेजवान, होते हैं अ मैं गलत नहीं हूँ तो इन बच्चों की जन्म कीतारीख ४ अप्रेल होनी चाहिए ! अगर चार है तो इनका मूल अंक 4 है, लक्की नंबर ७ है, इसी दिन श्री रामनुजाचार्य, और प्रसिद्द गायक किशोर कुमार का भी जन्म हुआ था ! दोनों बच्चे लक्की हैं, शांत हैं पर अन्याय के प्रति सजग अ कोई भी शुभ काम अचानक होगा, नौकरी मिलेगी अचानक, प्रमोशन होगा अचानक यहां तक शादी भी अचानक होगी ! मान पिता के लिए शुभ कारक हैं ! हरेन्द्र

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बाबरी-मस्जिद एक विवादित ढाचा था / मैं तो इतना जानती हूँ कि अपने गाँव के कच्चे ईदगाह को पक्का बनाने के लिए गाँव के हिंदुओं ने यदि मदद नहीं किया होता तो आज तक ये ईदगाह कच्चा ही रह जाता / शर्मा जी ने तो पुरे एक हज़ार ईटें दान में दी थी / सिंह जी अपने कबरस्तान को दीवाल से घिरवाने के लिए पुरे गाव वालों से चन्दा इकठा किये थे / दूर बैठे लोग जिनको तुमने कभी देखा नहीं जिनसे तुम्हे कभी कोई जरुरत नहीं पड़ी वो तुम्हारे भाई-बंधू कैसे बन गए और जो दिन-रात तुम्हारी मदद को तैयार रहता हो उसे तुम अपना दुश्मान मान कर सबक सिखाने की बात करते हो / जरुर तू किसी के बहकावे में आ गए हो / ” सच में यही तो हो रहा है ! इसी वजह से लोग बहक रहे हैं ! उन्हें बहकाया जाता है ! सही निर्णय लिया एक माँ ने !

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ऋतंभरा जी शुक्रिया काश ! मै पूनम पाण्डेय, शर्लिन चोपरा, सनी लिओन, लिव इन रिलेशन के समाज में नहीं रहता तो मुझे ज्यादा ख़ुशी होतो / आपने लिखा है की पुरुषो के मांग पर महिलाये अपने में परिवर्तन लायी है / जरा मुझे बताइयेगा की किस पुरुष ने पूनम पाण्डेय से क्रिकेट विश्व कप के लिए कुप्रश्ताव देने को कहा था / किस पुरुष ने सनी लिओन को अपनी सुन्दर काया को गन्दी सिनेमा में दिखाने को कहा था / किस आर्थिक मज़बूरी ने शर्लिन चोपरा को एक गन्दी मैगजीन में नंगी पोज देने को मजबूर किया था / आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर महिलाएं आज भी बहुत मर्यादित जीवन स्वेक्छेया से जी रही है / सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत महिलायों ने पश्चिमी गंदिगी को अपनाया है और बढावा दे रही है / पुरुषो ने पश्चिमी पहनावा अपने बदन को दकने और महिलयों ने बदन दिखाने के लिए अपनाया है / जो महिलाये अपने योग्यता से आगे बड़ी है ओ आज भी समाज के लिए आदर्श है / लेकिन आजकल सफलता और प्रसिद्धी के साथ-साथ दौलत के लिए जिस सर्ट-कर्ट रास्ता को अपनाया जाने लगा है ओ सोचनिए है / पुरुषो के मांग और उनको ख़ुशी से मचलने के लिए पूनम पाण्डेय, सनी लिओन बन जाना कहाँ तक उचित है जरा सोचिये / और ऐसे ही पुरुषो के मांग पूर्ति के लिए महिलाये बदलना शुरू कर दी तो बस्तु और महिला में अंतर क्या रह जायेगा /

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माफ़ कीजियेगा राजेश जी! पर या तो आप इस समाज इस युग के निवासी नहीं हैं या फिर समाज की वास्तविकता से कोसों दूर हैं .अब वो जमाना गया जब मत पिता अपने सभी बच्चों को समान प्रेम करते थे . आज जो ज्यादा कमाऊ है वही प्यारा है . जिस बहु का पति बेरोजगार है उसे घर में अति प्रताड़ना सहनी ही है, और यदि बेटी पैदा हो गयी तो फिर स्थिति और भी बदतर.(मैं मानती हूँ की इसमें महिलाओ का भी दोष है पर 'केवल ' महिलाओं का ही दोष है ऐसा नहीं है.) अब वो महिला अपने लिए या अपनी संतान के लिए अपनी योग्यतानुसार आर्थिक स्वावलंबन न ढूंढे तो क्या ज़हर खा के मर जाये? या फिर खुद की हिंसा ....प्रताड़ना आदि चुपचाप सहती रहे? दिमाग में महिलाओ के किसी ने कुछ नहीं भरा उनकी बदलती परिस्थितियों ने उन्हें बाहर का मार्ग दिखाया . एक औरत की दुर्दशा देख के अन्य भी स्वावलंबी होने के प्रयास करेंगी ही! असुरक्षा का भाव पुरुषों ने ही विवाहेत्तर सम्बन्ध बना के पैदा किया. एक पुरुष यदि अपनी महिला सह कर्मी से हंस बोल के बातें करे तो वो प्रोफेशनल और यदि महिला ऐसा करे तो वो भ्रष्ट ?पुरुष पश्चिमी रंग में रंगे धोती कुरता छोड़ के पैंट शर्ट तो चलेगा पर महिलाओं को उस रंग में बिलकुल नहीं रंगना चाहिए .सनी लिओन, पूनम पांडे को पुरुषो ने ही प्रोत्साहित किया है कोई महिला उनका पोस्टर आदि देख के नहीं उछलती . घर के बाहर की स्त्रियों को देख के मासूम पुरुष बेचारा तो फिसल जाता है पर वो अपने घर की स्त्रियों को यथोचित सम्मान भी नहीं देना चाहता . पुरुष तो आज भी सतयुगी समाज ही बनाना चाहता है पर ये महिलाये ही हैं जो आ के कहती है की आओ बलात्कार करो. कोई महिला अपने पुरुष की बराबरी नहीं करती वो तो उसे अपने से श्रेष्ट स्थिति में ही देखना चाहती है पर जब उसे अपने हिस्से का सम्मान न मिले तो? क्या सभी माँ सीता की तरह धरती में समां जाएँ?

के द्वारा: Ritambhara tiwari Ritambhara tiwari




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