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इंडिया बनाम भारत

Posted On: 30 Aug, 2016 कविता,Hindi Sahitya में

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आइये हम आपको,
मदर इंडिया की-
गौरव गाथा सुनाते है /
साथ में भारत माता की-
दुर्दशा भी बतलाते है /
ये इंडिया वाले,
अपने बच्चे तक को -
गोद में नहीं उठा पाते /
भारत के लोग -
अपनी पत्नी के शव को-
अकेले अपने कंधे पर उठा -
मीलों चले जाते है /
इंडिया के लोग,
एक शहर से दूसरी शहर -
स्वास्थ्य जांच के लिए भी ,
एयर एम्बुलेंस में ले जाये जाते /
और भारत के बच्चे -
एक वार्ड से दूसरे वार्ड ले जाते समय /
अपने बाप के कंधे पर ही
दम तोड़ जाते है /
जब इंडिया के लोग-
अपनी चर्बियां उतरवाने के लिए-
लाखों करोड़ों फुँक देते /
भारत के बच्चों के ठठरियों पर
मांस कहाँ जम पाते है /
Untitled hhhhh
124004-kan-son-77

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