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सहिष्णुता-असहिष्णुता

Posted On: 27 Nov, 2015 Others में

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चलो हम सब मिलकर -
सहिष्णुता-असहिष्णुता की खेल को -
ख़त्म कर डाले /
तू मेरे सीने से लिपटो ,
हम तुम्हे गले लगा डाले /
तू हमारे और हम तुम्हारे -
भावनाओं का रखें ख्याल /
बन गई जो दूरियाँ -
उसे सिमटा डाले /
तू मेरे सीने से लिपटो ,
हम तुम्हे गले लगा डाले /
अब न कोई सेंक सके रोटी -
हमारी भावनाओं की-
जलाकर आग /
राजनितिक मुहरा बनने से,
चलो एक दूसरे को बचा डाले /
तू मेरे सीने से लिपटो ,
हम तुम्हे गले लगा डाले /
जिसके गर्भ से जन्मा है -
सैकड़ों जाती, धर्म, संप्रदाय,
जिसके प्यार से पला है -
बढ़ा है , फैला है पूरा संसार /
उस माँ भारती का दामन -
दाग से बचा डाले /
तू मेरे सीने से लिपटो ,
हम तुम्हे गले लगा डाले /

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jlsingh के द्वारा
November 27, 2015

जिसके गर्भ से जन्मा है – सैकड़ों जाती, धर्म, संप्रदाय, जिसके प्यार से पला है – बढ़ा है , फैला है पूरा संसार / उस माँ भारती का दामन – दाग से बचा डाले / तू मेरे सीने से लिपटो , हम तुम्हे गले लगा डाले / क्या खूब बात कही आपने आदरणीय श्रीवास्तव जी! कवि, लेखक, साहित्यकार, कलाकार सभी हों एकाकार, न हो कहीं लूट नहीं हाहाकार यही तो है सद्व्यवहार! आपका हार्दिक अभिनंदन!


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